मन की शांति और खुशी पाने के लिए अहंकार को खत्म करना ज़रूरी है — श्री सुधांशु जी महाराज

बरनाला, 29 नवंबर (सुखविंदर सिंह भंडारी)-विश्व जागृति मिशन बरनाला मंडल द्वारा बरनाला की नई अनाज मंडी में पूज्य सुधांशु जी महाराज के आशीर्वाद से आयोजित विराट भक्ति सत्संग (जीवन संदेश गीत) के तीसरे दिन सुबह हवन यज्ञ के साथ सत्संग शुरू हुआ। हवन यज्ञ के बाद पूज्य स्वामी जी महाराज ने प्रवचन करते हुए भक्तों को भगवान की महिमा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इंसान को भगवान के नाम का ध्यान करना चाहिए। भगवान पर भरोसा रखो और देखो, तुम्हारी सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। उन्होंने बहुत ही सुंदर भजन “ना इह तेरा, ना है मेरा मंदिर है भगवान का” गाकर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में हर समय घटनाएं होती रहती हैं। जीवन में कुछ भी निश्चित नहीं है। भगवान के दिए सांस के समय (जीवन का कीमती समय) में अच्छे काम करें। दिन की शुरुआत परमात्मा से प्रार्थना करके करें, दिन अच्छा बीतेगा। दुनिया को चलाने वाली शक्ति भगवान है। उन्होंने फूल, फल और समुद्र किनारे खड़े नारियल का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान की बनाई रचना अनोखी है। मन की शांति और खुशी पाने के लिए अहंकार को खत्म करना चाहिए। इंसान बाहर चाहे किसी भी पद पर हो, उसे घर में प्यार से रहना चाहिए। अगर आपके घर में शांति है, तो आपका घर स्वर्ग है। उन्होंने श्री राम, जय राम, जय जय राम के जाप के साथ सत्संग का समापन किया। मिली जानकारी के अनुसार विश्व जागृति मिशन ने बरनाला में संस्कार केंद्र खोलने का फैसला किया है, जिसके लिए एक कमेटी भी बनाई गई है। इस दौरान विश्व जागृति मिशन ने पूज्य सुधांशु जी महाराज के प्रवचनों और मिशन से संबंधित पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई है। इस दौरान स्वामी ऋतनेसा नंद, दीपक सोनी बांसल आस्था वाले, घनश्याम दास बांसल आस्था वाले, शशिकांत चोपड़ा, तेज कुमार तेजी, राजेश भूटानी, प्रिंसिपल राकेश गर्ग, राकेश जिंदल, बबीता जिंदल, कांति सरूप शर्मा, संजीव कुमार सालू, मनजीत कांसल, राकेश नोनी, अजय अलीपुरिया, विश्व जागृति मिशन पटियाला, बठिंडा व अन्य मंडलों से आए भक्त मौजूद थे।
